Poetry | Tere Na Hone Ke Khayaal Se | By Suvigya Sharma
![]() |
| Poetry | Tere Na Hone Ke Khayaal Se |
तेरे ना होने के ख़याल से मर जाते हैं रोज़...
और एक तुझे ही याद कर जिंदगी जिए जा रहे हैं
यूँ तो तेरे दीदार के प्यासे हैं...
और तेरी ही जुदाई का गम पिए जा रहे हैं
ढल जाएगे हम भी एक दिन इस शाम की तरह
जो रौशन है तो तुझसे मोहब्बत किए जा रहे हैं
मर ही जाए खुशी से जो तू मिल जाए कभी
बस एक इसी ख़याल में..
ज़िंदगी को मौके और मौत को धोके दिए जा रहे हैं
तेरे ना होने के ख़याल से मर जाते हैं रोज़...
और एक तुझे ही याद कर जिंदगी जिए जा रहे हैं।
YOUTUBE: https://youtu.be/ez7zspX0_Zg

An engineering graduate and an aviation professional.
No comments
Thanks for visiting us. Please share your thoughts.